एक कौवे की कहानी | Motivational Story Of A Crow in Hindi

एक कौवे की कहानी | Motivational Story Of A Crow in Hindi

एक कौवे की कहानी | Motivational Story Of A Crow in Hindi

एक कौवे की कहानी

एक दिन, एक कौवा जंगल में उड़ रहा था। वे बहुत खुश था। अपने जीबन से संतुष्ट था। लेकिन तभी उसने एक तालाब के किनारे एक हंस को देखा। हंस को देखकर वे सोचने लगा, “यह हंस कितना सफेद है और मैं कितना काला हूँ। मैंने आज तक इससे खूबसूरत परिंदा नहीं देखा। यह सायेद दुनिया का सबसे खुश परिंदा होगा।” तो कौवा हंस के पास जाता है और उससे वे बात कहता है जो वे सोच रहा था।

 

हंस उसका सुक्रिया अदा करता है और कहता हैं, “मुझे भी ऐसाही लगा था की मैं सबसे खूबसूरत हूँ। लेकिन एक दिन, मुझे तोते के बारेमे पता चला। क्या तुमने तोता देखा हैं? वे बहुत खूबसूरत होता है। उसके दो रंग होते है और उस पर वे दो रंग बहुत अच्छे लगते है। मुझे लगता है की तोता दुनिया का सबसे खुश परिंदा होगा।”

 

कौवा वहां से उड़ जाता है और तोते को ढूंढता है। फिर वे तोते जो सारी बातें बताता है।

 

 

तोता कहता है, “पहले मैं भी बहुत खुश रहता था। लेकिन एक दिन, मैंने मौर को देखा। मेरे परो के तो सिर्फ दो रंग है। लेकिन मौर के परो में कई रंग है। मुझे लगता है की मौर सबसे खुश परिंदा होगा।”

 

तो कौवा निकल पड़ा मौर को ढूंढने। मौर उसे मिला एक चिड़िया घर में। कौवा मौर को देखकर हैरान हो गया। उसने कभी भी इतना खूबसूरत परिंदा नहीं देखा था। उसके परो में कई रंग थे। जब वे सूरज की रौशनी में चलता तो उसके रंग बदले हुए नजर आते थे। कई लोग उसे देखने के लिए चिड़िया घर में आए थे और उसकी फोटो ले रहे थे।

 

जब सारे लोग चले गए तो कौवा मौर के पास आया। कौवे ने मौर से कहा, “आप बहुत खूबसूरत है। हजारो लोग आपकी फोटो खींचते है। यह कितनी अच्छी बात है। लेकिन लोग जब मुझे देखते है तो भगा देते है। आप तो सायेद दुनिया के सबसे खुश परिंदे होंगे।”

 

 

मौर ने कहा,  “मैं हमेशा सोचता हूँ , की सायेद में इस दुनिया का सबसे खुश परिंदा हूँ। लेकिन मेरी ख़ूबसूरती की बजह से आज मैं इस चिड़िआ घर में फसा हुआ हूँ। मैंने पूरा चिड़िया घर अच्छे से देखा हैं और मैंने यह देखा की एक आप ही एक ऐसे परिंदे हो जिसे किसी भी पिंजरे में नहीं रखा गया है। इसलिए कई दिनों से मैं सोच रहा था, की मैं एक कौवा होता। क्युकी अगर मैं कौवा होता, तो अपनी मर्जी से कही भी उड़ सकता जहा मेरा दिल चाहे।”

 

मौर की यह बात सुनने के बाद कौवे को यह एहसास हुआ, की उसकी ज़िंदगी कितनी अच्छी थी। उसे अपनी किसी भी चीज़ की कदर नहीं थी।

 

यह कहानी हमें वास्तव में कुछ सीख दे जाती है। हमे सोशल मीडिया पर लोग बोहोत खुश नजर दीखते है बहुत खूबसूरत लगते है और हम भेदभाव करने लग जाते है की काश हम भी इतने खूबसूरत होते हमारी भी ऐसी ज़िंदगी होती तो हम कितने खुश होते। लेकिन हमारे पास जो है हम उसकी कदर नहीं करते और यह चीज़ हमे दुखी करती जाती है, कभी खुश नहीं होने देती। इस दुनिया में आपसे ज़ादा कोई सुंदर, अमीर और खुश होगा लेकिन भेदभाब की इस दुनिया में कोई भी इंसान नहीं जित सकता। जिन्हे देखकर आप खुदको उनसे तुलना कर रहे है, वे भी नहीं जित सकता। दुनिया के सबसे खुश लोग वे नहीं होते जिनके पास सब कुछ होते है बल्कि दुनिया के सबसे खुश लोग वे होते है जो अपने पास जो भी है उसके लिए शुक्रगुजार है।

 

 

तो दोस्तों आपको यह प्रेरणादायक कहानी “एक कौवे की कहानी | Motivational Story Of A Crow in Hindi” कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइये और अगर आपको असेही और भी Motivational Stories पड़ने के लिए इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें।

 

 

यह भी पढ़े:-

 

Follow Me on Social Media

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *