जादुई ताबीज की कहानी | Magic Talisman Story in Hindi

जादुई ताबीज की कहानी | Magic Talisman Story in Hindi

Magic Talisman Story in Hindi

 

जादुई ताबीज की कहानी

किसी गांव में दिनेश नाम का एक नवयुवक रहता था। वह बहुत मेहनती था मगर हमेशा वह अपने मन में शंका लिए रहता था की वह अपने कार्यक्षेत्र में सफल होगा की नहीं। कभी कभी वह इस चिंता के कारन गुस्सा हो जाता और दुसरो पर क्रोधित भी हो उठता।

 

एक दिन उसके गांव में एक प्रसिद्ध महात्माजी का आगमन हुआ। खबर मिलते ही दिनेश महात्माजी से मिलने गया और बोला, “महात्माजी मैं कड़ी मेहनत करता हूँ, सफलता पाने के लिए हर एक प्रयत्न करता हूँ पर फिर भी मुझे सफलता नहीं मिलती। कृपया आप ही कुछ उपाय बताए।”

 

महात्माजी ने मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा, तुम्हारी समस्या का समाधान इस चमत्कारी ताबीज में है। मैंने इसके अंदर कुछ मंत्र लिलखकर डाले है जो तुम्हारी हर बाधा दूर कर देगा लेकिन इसे सिद्ध के लिए तुम्हे एक रात अकेले समसान में गुजारनी होगी।”

 

दिनेश कांपते हुए बोला, “लेकिन मैं अकेला समसान में कैसे रहूँगा?”

 

महात्माजी ने समझाकर कहा, ” घबड़ाओ मत, यह कोई मामूली ताबीज नहीं है यह हर संकट में तुम्हे बचाएगा।”

 

 

दिनेश ने पूरी रात समसान में बिताई और सुबह होते ही महात्माजी के पास जा पोहुंचा और कहा, “हे महात्मा आप महान है। सचमुच यह ताबीज दिव्य है नहीं तो मेरे जैसा डरपोक व्यक्ति रात बिताना तो दूर समसान के करीब भी नहीं जा सकता था। निश्चय ही अव मैं सफलता प्राप्त कर सकता हूँ।”

 

इस घटना के बाद दिनेश बिलकुल बदल गया। अव वह जो भी करता उसे विश्वास होता की ताबीज के शक्ति के कारन वह सफल होगा और धीरे धीरे यही हुआ भी। वह गांव के सबसे सफल इंसानो में गिने जाने लगा।

 

इस घटना को करीब एक साल हो गया। एक साल के बाद फिर वही महात्मा उस गांव में पधारे। दिनेश तुरंत उसके दर्शन करने के लिए गया और उस चमत्कारी ताबीज का गुणगान करने लगा।”

 

महात्माजी बोला, “बेटा, अपनी ताबीज निकालकर देना।”

 

 

महात्माजी ने ताबीज हाथ में लिया और उसे खोला। ताबीज को खोलते ही दिनेश के होश उड़ गए जब उसने देखा की ताबीज के अंदर कोई भी मंत्र-तंत्र नहीं लिखा था वह तो धातु का टुकड़ा मात्र था।”

 

दिनेश बोला, “यह क्या महात्माजी यह तो बस एक मामूली ताबीज है फिर इसने मुझे सफलता कैसे दिलवा दी?”

 

महात्माजी बोले, “सही कहा तुमने तुम्हे सफलता इस ताबीज ने नहीं बल्कि तुम्हारे विश्वास के शक्ति ने दिलवाई। इंसानो को भगवान ने एक विशेष शक्ति देकर यहाँ भेजा है और वह है विश्वास की शक्ति। तुम अपने कार्यक्षेत्र में इसलिए सफल नहीं हो पा रहे थे क्युकी तुम्हे खुद पर यकीन नहीं था, खुद पर विश्वास नहीं था लेकिन जब इस ताबीज की बजह से तुम्हारे अंदर विश्वास पैदा हो गया तो तुम सफल होते चले गए। इसलिए जाओ और किसी ताबीज पर यकीन करने की बजाई अपने कर्म पर, अपने सोच पर और अपने निर्णय पर विश्वास करना सीखो। इस बात को समझो की जो कुछ भी हो रहा है वह अच्छे के लिए हो रहा है और निश्चय ही तुम सफलता की शीर्ष पर पहुंच जाओगे।”

 

दिनेश महात्माजी की बात को गंभीरता से सुन रहा था। उसे आज एक बहुत बड़ी सीख मिली थी की यदि उसे किसी भी क्षेत्र में सफल होना है तो उसे पहले खुद पर विश्वास करना होगा यदि वह खुद पर विश्वास कर लेता है तो वह सफलता को निश्चय ही प्राप्त कर लेगा।

 

 

दोस्तों सफलता का सीधा संबंध आपके अंदर के विश्वास से होता है अगर आप खुद पर विश्वास रखते हो तो किसी भी मुसीबत से डटकर सामना कर लोगे बस मन में विश्वास रखना जरुरी है की आप कर सकते है, सफल हो सकते है।

 

तो दोस्तों, आपको यह कहानी  “जादुई ताबीज की कहानी | Magic Talisman Story in Hindi” कैसी लगी निचे कमेंट के माध्यम से जरूर हमें बताए और अगर आप इसी तरह और भी कहानिया इस ब्लॉग के माध्यम  से पढ़ना चाहते है तो इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें।

 

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