बुद्धिमान लोमड़ी | Intelligent Fox Story in Hindi

आज हम आपको सुनाने वाले हैं एक बुद्धिमान लोमड़ी की कहानी ( Intelligent Fox Story in Hindi) उम्मीद है आपको यह कहानी जरूर अच्छी लगेगी।

 

बुद्धिमान लोमड़ी

Intelligent Fox Story in Hindi 

एक दिन जंगल में खाने की तलाश में भटक रहा एक लोमड़ी एक मरे हुए हाथी को देखता है और मरे हाथी को देखकर वे खुश हो गया और बोला अरे बाह आज तो नसीब ही खुल गयी यह खाना तो मेरे लिए कई हप्तो तक चल सकता है। लेकिन हाथी चमड़ी बोहोत शक्त थी इसलिए उसे एक ऐसे जानबर की तलाश थी जो हाथी के शक्त चमड़ी को तोड़ सके तभी लोमड़ी ने वहां से एक शेर को गुजरते देखा।

 

लोमड़ी ने सोचा अगर वे इस हाथी को शेर के सामने पेश करेगा तो सायेद शेर उसकी मदत करेगा। लोमड़ी का इरादा था की अगर शेर इस हाथी का चीड़फाड़ करे तो वे भी हाथी का मास खा सकता है।

 

ऐसा सोचकर लोमड़ी शेर के पास गया और  शेर से कहा,  “महाराज आपका सेबक इस मरे हुए हाथी को आपके भोजन के लिए आपके सेबा में लाया है।”

 

लोमड़ी  की बात सुनकर शेर गुस्सा हो गया और कहा, “क्या तुम्हे पता नहीं है की में सिर्फ वही खाता हु जिसका शिकार में खुद करता हु, तुम एक अच्छे सेबक लगते हो इसलिए यह हाथी तुम ही खा लो।”

 

लोमड़ी की योजना काम नहीं आयी और वे यह सोच रहा था की बिना किसीके मदद के वे हाथी का मास नहीं खा सकता।

 

कुछ देर बाद उसने एक बाघ को देखा और उसने सोचा अगर बाघ इस हाथी को खा गया तो उसे कुछ भी नहीं मिलेगा। बाघ को देखकर चतुर लोमड़ी ने एक योजना बनाई वे बाघ के सामने गया और बोला की इस तरफ मत आयो यहाँ आकर तुम बोहोत बड़ी भूल कर रहे हो, जिस शेर ने इस हाथी को मारा है वे अभी नहाने गया है और तब तक मुझे इस हाथी की चौकीदारी करने को कहा है वे शेर बाघों से बोहोत नफरत करता है क्युकी एकदिन ऐसेही एक बाघने उसके शिकार को खा लिया था तो शेर ने उस बाघ को मार डाला।

 

लोमड़ी की बात सुनकर बाघ गया और बाघने कहा मुझे चेताबनी देने के लिए धन्यवाद, में यहाँसे से जा रहा हु  लेकिन तुम शेर को यह मत बताना की बाघ यहाँ आया था। इतना कहकर बाघ उस जगह से भाग गया।

 

लोमड़ी फिर यह सोचने लगा की वे ऐसा क्या करे जिससे उसे हाथी का मास मिले तभी उसने एक तेंदुए को उसकी और आते हुए देखा।

 

लोमड़ी ने सोचा की वे तेंदुए का इस्तिमाल कर सकता है, तेंदुए के दांत बोहोत मजबूत होते है और वे हाथी के चमड़े को तोड़ सकते है लोमड़ी तेंदुए के पास गया और लोमड़ी नै कहा,  “मुझे लगता है की तुम बोहोद भूखे हो तेंदुए न कहा है में बोहद भूखा हु और मैंने देखा की यहाँ एक मरा हाथी पड़ा हुआ है और में उसे खाने आया हु। बसै तो इस का शिकार एक सैर ने किया है  और उसने मुझे इस हाथी की चौकीदारी करने को कहा है लेकिन अगर तुम जल्दी कर सको तो में तुम्हे थोड़ा खाने दूंगा लेकिन शेर वापस आये इससे पहले तुम्हे खा लेना होगा।”

 

तेंदुए ने कहा,  “अरे नहीं अगर यह शेर का शिकार है तो में इसे नहीं खा सकता में खुद शेर का शिकार बनना नहीं चाहता।”

 

लोमड़ी ने कहा,  “डरो मत तुम खा सकते हो में शेर के आने का ख़याल रखूँगा और जब शेर आएगा तब में तुम्हे इशारा करूँगा तुम तब भाग जाना।”

 

तेंदुआ फिर हाथी का चमड़ी तोड़ने लगा और लोमड़ी थोड़ा दूर जाकर शेर के आने का धियान रखने का नाटक करने लगा। जैसे ही तेंदुए ने हाथी की चमड़ी तोड़ दी लोमड़ी ने कहा जल्दी भागो शेर आ रहा है।

 

शेर का नाम सुनते ही तेंदुए ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी जान बचाकर भगा। लोमड़ी बोहोत खुश हुआ की उसका काम बन गया अब वे आरामसे हाथी का मास खा सकता है। वे खाने जा ही रहा था की तभी दूसरा लोमड़ी वहा आ गया फिर लोमड़ी ने सोचा यह तो मेरी बराबरी का है इसे तो में लड़ाई में हरा दूंगा।

 

चतुर लोमड़ी ने दूसरे लोमड़ी पर अपने पंजो से हमला किया और उस बिन बुलाये मेहमान को भगा दिया और फिर आरामसे उसने हप्तो तक हाथी का मास खाया।

 

शिक्षा – इस कहानी से यह सिख मिलती है की अपना बराबरी के ताकत का लड़कर मुकावला किया जा सकता है लेकिन अपने से ज़ादा ताकतपर को हराने के लिए स्फुर्तीला दिमाग होना जरुरी है शक्तिशाली भी स्फुर्तीले दिमाग के आगे टिक नहीं सकता।

 

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