किसान और उसके आलसी बेटे | Hindi Story of Farmer and His Lazy Sons

किसान और उसके आलसी बेटे Hindi Story of Farmer and His Lazy Sons

किसान और उसके आलसी बेटे

 

बहुत समय पहले, एक गांव में एक किसान रहता था। उसके पास काफी संपत्ति थी। क्युकी उसने बहुत सालों तक खूब मेहनत किया था। उसके पास बहुत बड़े बड़े खेत थे। पर वे बहुत दुखी था। क्युकी उसकी बेटे बहुत आलसी थे। न तो वे अपने पिता की मदद करते थे बल्कि सारादिन सोते रहते थे। और अपना समय फालतू के कामो पर बर्बाद किया करते थे।

 

एक दिन, किसान बहुत बीमार पद गया। उसके बेटो ने डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने कहा, “मुझे अफ़सोस है की आप बहुत बीमार है। और हो सकता है की आप ज़ादा दिन तक ज़िंदा न रहे। अगर आपके मन में कोई भी आखरी इच्छा हो, तो आप उसे पूरा करले। वैसे तो आलसी बेटे कोई काम नहीं करते थे। लेकिन अपने पिता से बहुत प्यार करते थे। और डॉक्टर चले जाने के बाद उसके चार बेटे रोने लगे।

 

एक बेटे ने कहा, “पिताजी, हम आपके बिना क्या करेंगे। आप अब ज़िंदा नहीं रह पाएंगे। हमारा धियान कौन रखेगा। ”

 

 

अपने बेटो को परेशान देख, किसान का दिल पिघल गया। किसान ने कहा, “चिंता मत करो बच्चो। मैं स्वर्ग से तुम्हारी रक्षा करूँगा। और जिससे की तुम लोग भूके न रहो, मैंने खेत में सारा धन गाड़ दिया है। जब तुम्हे धन मिले तो उसे बाजार जाकर बेच देना। वे तुम लोगो के लिए ज़िंदगी भर काम आएगी। ”

 

कुछ समय के बाद किसान की मौत हो गई।

 

कुछ दिनों तक, दुखी बेटे अपने पिता के याद में कोई काम नहीं कर पाए। पर कुछ समय बाद उन्हें लगा की अब भोजन के लिए उन्हें कुछ तो करना पड़ेगा।

 

उसके बेटे सोचने लगे, “हमे कुछ तो करना पड़ेगा। तिजोरी का पैसा ज़ादा दिन तक नहीं चलने वाला। ”

 

फिर उसके बेटों ने खेतो में काम करना शुरू कर दिया। वे लोग खेत को खोदने लगे। लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला।

 

 

एक बेटे ने कहा, “हमे खेत खोदने पर कुछ भी नहीं मिला। इसलिए जब हमने खेत को खोद ही दिया है तो इसमें बीज ही लगा देते है। ”

 

सभी बेटे उसके बात से सहमत हो गए। उन्होंने खेत खोदकर उनमे बीज डाल दिए। और फसल उगने का इन्तिज़ार करते रहे। उस साल  हुई। एक दिन जब बेटे सो कर उठे, तब उनहोंने देखा की खेत में फसल उगना शुरू हो गया है। कुछ दिनों बाद उन्हें खेत में लहराते हुए फसल नजर आए।

 

यह देखकर किसान के बेटे बहुत खुश होने लगे और कहने लगे, “यही वे खजाना है, जिसे पिताजी चाहते थे की हम ढूंढे। अगर हम काम करेंगे तो कभी भी भूके नहीं रहेंगे। और उस दिन से किसान के बेटो ने बहुत मेहनत करना शुरू कर दी।

 

 

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