कुत्ता और खरगोश की दोस्ती | Dog and Rabbit Friendship Story in Hindi

कुत्ता और खरगोश की दोस्ती | Dog and Rabbit Friendship Story in Hindi

Dog and Rabbit Friendship Story in Hindi

 

कुत्ता और खरगोश की दोस्ती

 

काफी समय पहले की बात है, एक जंगल में एक शिकारी कुत्ता रहता था। धीरे धीरे वह बूढ़ा होने लगा था। उसका शरीर अब कमजोर होने लगा था। लेकिन फिर भी वह दुसरो के मुकाबले बहुत ताकतपर था और साथ ही ईमानदार भी था।

 

एक दिन, वह चलते चलते एक खरगोश के घर के पास पहुंच गया। वहां जाकर उसने खरगोश के बहुत सारे छोटे छोटे बच्चों को इधर उधर खेलते हुए देखा। और उन छोटे छोटे खरगोशों की माँ भोजन की तलाश में कही दूर गया हुआ था। शिकारी कुत्ते को उनपर  दया आई और वह उन्ही के पास बैठ गया, ताकि दूसरे जंगली जानबर उन्हें हानि न पहुंचा सके। वह वहां शाम तक बैठा रहा और बच्चों को कुछ भी नहीं किया।

 

जब उन खरगोशों की माँ भोजन की तलाश के बाद वापस आया, तो उसने देखा एक शिकारी कुत्ता उसके घर के पास बैठा हुआ है। उसने देखा की उसके बच्चे उस कुत्ते के आसपास घूम रहे है और वह किसी को कोई नुकशान नहीं पहुंचा रहा था। यह सब देखकर खरगोश उसके पास गया और उसका हालचाल पूछा।

 

 

कुत्ते और खरगोश में काफी अच्छी दोस्ती हो गई। शिकारी कुत्ता उन्ही खरगोशों के पास रहने लगा। वह भी उनके साथ कभी कभी जंगल में शिकार के लिए चले जाया करता और उन खरगोशों को छोड़कर बाकि छोटे मोठे जानबरों का शिकार किया करता था। धीरे धीरे खरगोश का कुत्ते के प्रति लगाब बढ़ गया।

 

यह सब कुछ एक चालाक लोमड़ी दूर से देखा करती थी। फिर उसने सोचा की क्यों न इसका फायदा उठाया जाए। उसने मन ही मन कहा, “अरे बाह, यह तो बढ़े ताजे मोठे खरगोश के बच्चे है। इनका शिकार करने में बढ़ा मजा आएगा। लेकिन इसके लिए पहले मुझे इस शिकारी कुत्ते से दोस्ती करनी पड़ेगी।”

 

लोमड़ी ने धीरे धीरे कुत्ते से अपनी दोस्ती बढ़ानी शुरू कर दी। दोस्ती होने के बाद से जब कुत्ता खरगोश के साथ शिकार पर चला जाता, उस समय लोमड़ी धीरे से आकर खरगोश के बच्चे को पकड़ ले  जाती और उन्हें खा जाती।

 

 

धीरे धीरे यह कई दिनों तक चलता रहा जिससे खरगोश के बच्चे कम होने लगे। उसके बच्चों की गायब होने की बात जब खरगोश ने शिकारी कुत्ते को बताई तब कुत्ते को  बड़ा आश्चर्य हुआ की उसके रहते ऐसा कैसे हो सकता है।

 

कुत्ते ने खरगोश से कहा, “आज मैं शिकार पर नहीं जाऊँगा, दूसरे रास्ते से वापस आकर देखूंगा की बच्चों को कौन खा रहा है।”

 

शिकारी कुत्ते ने ऐसा ही किया, वह छुपकर खरगोश के बच्चों पर नजर रखने लगा। तभी उसने देखा उसकी दोस्त लोमड़ी वहां पर आई और एक खरगोश के बच्चे को पकड़ कर चली गई। कुत्ते ने यह सारी बात खरगोश को बताई।

 

 

अगले दिन जब लोमड़ी फिर से खरगोश के बच्चों को खाने के लिए आया तभी शिकारी कुत्ते ने उस लोमड़ी को मार दिया। और उसके बाद वह लोग फिरसे उस जंगल में हसी-ख़ुशी रहने लगे।

 

सिख – दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की “अगर कोई हमारा दोस्त बनता है और वह दुष्ट है, तो हमे उस पर आंख बंध करके भरोसा नहीं करना चाहिए।”

 

दोस्तों आपको यह कहानी “कुत्ता और खरगोश की दोस्ती | Dog and Rabbit Friendship Story in Hindi “ कैसी लगी नीचे कमेंट में जरूर बताये और असेही मजेदार कहानियाँ पढने के लिये इस कहानी की दुनिया को सब्सक्राइब करे।

 

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