अकबर बीरबल की कहानियां | कटहल का पेड़ | Jackfriut Tree

अकबर बीरबल की कहानियां | कटहल का पेड़ | Jackfriut Tree

अकबर बीरबल की कहानियां / Akbar Birbal Ki Kahaniya 

 

कटहल का पेड़

 

बीरबल को प्रकृति से बहुत प्रेम था। वह अपना ज्यादातर समय बाहर खुली हवा में बिताते थे। उनका सबसे पसंदीदा जगह थी शहेंशा अकबर के शाही बाग। उन बागो की देखभाल एक नीर नामका माली करता था। वह एक शांत इंसान था, जो एक सीधी साधी जीबन जीता था और उन बागो में काम करके वह बहुत खुश था। बीरबल और नीर अक्सर उन बागो की फूल, पौधे और पेड़ की बातें किया करते थे। बीरबल नीर के साथ अच्छा ब्यबहार करते थे। और नीर भी बीरबल को काफी पसंद करता था।

 

एक दिन, जब बीरबल बागो में आये, तब उन्होंने देखा की उनका माली बहुत परेशान होकर बैठा है। बीरबल उनके पास गए और कहने लगे, “क्या हुआ नीर? तुम रो क्यों रहे हो? मुझे बताओ क्या हुआ?”  नीर ने कहा, “हुजूर में अपने बुढ़ापे के लिए पैसे बचा रहा था। एक मटके में डालकर इस कटहल के पेड़ के निचे छुपाये आ रहा था। मैं बहुत सालों से यह बचत करता आ रहा हूँ। लेकिन आज जब मैंने वह मटका निकालने के लिए खुदाई की तो मटका नहीं मिला। किसी ने चुरा लिया हुजूर मेरा पैसा। अब मैं क्या करूँ?”

 

बीरबल ने कहा, “लेकिन तुमने पैसे जमीन में छुपा कर क्यों रखे थे? अपने पैसे घर पर क्यों नहीं रखे तुमने?”  माली कहने लगा, “मैं अपना ज्यादातर समय यही बिताता  हूँ। और मेरी नजर हर वक़्त पैसो पर ही रहती थी। इसलिए मैंने यही पर छुपा कर रक्खे थे।”  बीरबल ने कहा, “सायद किसी ने तुम्हे यहाँ पैसे छुपाते हुए देख लिया था।”  लेकिन माली ने उन्हें बताया की यहाँ पर किसी का भी आना मन है सीबाई उनके और महल के कुछ मंत्रियो के। बीरबल ने कहा, “चिंता मत करो तुम। मैं कुछ भी करके तुम्हारे पैसे ढूंढ लूंगा।”  यह कहकर बीरबल वहां से चले गए।

 

अगले दिन, बीरबल ने महल के मंत्रियो को सभा में बुलाया कुछ पूछताछ करने के लिए। बीरबल ने मंत्रियो से कहा, “क्या आप लोगो में से कोई भी इन दिनों बीमार हुए थे या फिर किसी को दबाई की जरुरत पड़ी थी? एक मंत्री ने कहा की उनको कुछ दिनों से खाशी की समस्या है और वह दबाई का उपयोग कर रहे है। बीरबल ने उनसे पूछा की उन्हें दबा बनाने के लिए जड़ीभूति कहाँ से मिली? इस बात पर मंत्री ने बताया की उनके पत्नी के माँ ने उन्हें दूसरे स्थान से जड़ीभूति भिजवाई थी।

 

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कुछ देर बाद, एक और मंत्री बोला कि उन्हें कब्ज की समस्या के कारण उनके हकीम जी ने उन्हें जड़ीभूति की एक दवा दी थी। बीरबल ने उनसे हकीम जी को दरबार में पेश करने के लिए बुलाया। हकीम जी दरबार में हाजिर हुए। बीरबल ने उनसे कहा, “आपने मंत्री जी के लिए एक ऐसी दबाई जिससे उनका कब्ज ठीक हो जाये, क्या यह सत्य है?”  हकीम जी बोले, “जी हाँ। मेने उनको दबाई दी थी जिससे उनकी समस्या जल्दी से ठीक हो जाये। अगर आप चाहे तो मैं आपके लिए भी वह दबा बना सकता हूँ।”  बीरबल बोले, “सचमुच! मुझे यकीन नहीं होता। क्या यह समस्या हमेशा के लिए चली जाएगी? और भी बहुत जल्द? और मैं तो कई महीनो से परेशान हूँ।”

 

हकीम जी ने उन्हें कहा कि वह केवल कुछ ही दिनों में उस दबाई के दुवारा उन्हें ठीक कर सकते हैं। बीरबल ने उनसे पूछा की वह उनके इस दबाई के बारेमे जानने के लिए बहुत उत्सुक है और जानना चाहते है की वह ऐसा क्या इस्तिमाल करते है इस दबाई को बनाने के लिए?  बीरबल के इस प्रश्न के उत्तर में हकीम जी ने उन्हें बताया की इस जड़ीभूति को बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है कटहल के पेड़ के जड़ का अर्क। बीरबल ने उनसे पूछा की कटहल का पेड़ उन्हें कहाँ मिलेगा? तब हकीम जी ने उन्हें बताया की वह परेशान न हो क्युकी एक कटहल का पेड़ शहेंशा के साही बाग में ही है।

 

हकीम जी की यह बात सुनकर बीरबल को यह पूरा बिश्वास हो गया की माली के पैसे हकीम जी ने ही ली है। बीरबल ने और ज्यादा सवाल न करके हकीम जी से माली के पैसे लौटा देने देने के लिए कहा। यह सुनकर हकीम जी बहुत घबरा गए। और कहने लगे, “मुझे माफ़ कर दीजे हुजूर। मुझे पैसो का मटका पेड़ के निचे मिला था। मैंने सोचा की यह मटका काफी समय से रक्खा हुआ है और जिसने रखा है सायद वह भूल गया होगा इसके बारेमे। इसलिए हुजूर मैंने वह पैसे ले लिए।”

 

हकीम ने बीरबल और शहंशाह के सामने माफी मांगी और कहा की दोबारा ऐसा काम कभी नहीं करेंगे। बीरबल ने शेहेंशा से हकीम को माफ़ कर देने के लिए कहा और माली को बुलाकर उसके पैसे वापस लौटा देने की अनुमति करि। शेहेंशा ने माली को बुलाया। बीरबल ने माली से पूछा की उसने कितने पैसे मटके में रक्खे थे। माली ने कहा की उसने मटके में 75 सोने के सिक्के रक्खे थे। बीरबल ने उनसे कहा की उन्हें उनकी बेबकूफी के लिए 10 सोने के सिक्के कम मिलेंगे। और वह 10 सोने के सिक्के हकीम को दिए जायेंगे सच्चाई बोलने के लिए।

 

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