Life-Changing Motivational Story in Hindi

यह कहानी बदल सकती है आपकी जिंदगी | Life-Changing Motivational Story in Hindi

Life-Changing Motivational Story in Hindi

यह कहानी बदल सकती है आपकी जिंदगी

बहुत समय पहले एक जंगल में बहुत सारे तोते रहा करते थे। दोस्तों वह जंगल इसी लिए मशहूर था क्यूंकि वहाँ पर बहुत सारे तोते थे। सभी लोग बोलते थे की इस जंगल में सबसे ज्यादा तोते है। लेकिन कुछ समय गुजरा। उसके बाद वहाँ पर एक शिकारी आया। उस शिकारी ने तोते को पकड़ना शुरू किया। अब जब उस शिकारी ने तोतो को पकड़ना शुरू किया तो तोतो की गिनती में कमी आने लगी। और वहाँ पर तोते दिन के दिन कम होते गए।

 

यह देखकर जो तोतो का सरदार था, उसको बहुत चिंता होने लगी। उसने सोचा, “अगर शिकारी इस तरह से हमारे साथियों को पकड़ेगा तो हमारी गिनती में दिन के दिन कमी आती जाएगी। और उसके बाद हम विलुप्त हो जाएंगे। उसके बाद कोई भी तोता नहीं रहेगा। तो क्या करना चाहिए?”

 

वह एक पास के गांव में, जहाँ एक साधु रहते थे. उनके पास गया। उन साधुओं में एक साधु ऐसे थे , जो ऐसी ज्ञान की बातें किया करते थे जो अचोक थे। वह तोता उस साधु के पास गया। वहाँ पर अपनी सारी की सारी समस्याएं उन साधु को बताई। साधु ने एक चीज बताई। उन्होंने कहा, “जाकर अपने सभी साथीयों को यह बात बताना। और वह लोग समझेंगे तो उसका फल उन्हें मिलेगा। वह बात थी-
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

अब वह तोता इस बात को याद करता हुआ उड़ गया। और अपने सारे साथियों को बुलाया। जंगल में इखट्टा किया और बोला, ” मेरी बात को सभी ध्यान से सुनना –
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

उसके बाद सभी तोते से पूछा, “क्या मेरी बात को सुना?” अब इसको दोहराओ मेरे साथ।
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

अब सभी तोते ने यह बात सुनली। और इसको दोहराने लगे। रोज हमेशा खाते पीते, पेड़ पर बैठते, उड़ते हर वक़्त वह लोग इस बात को दोहराने लगे। बार बार इसे बोलने लगे।

 

एक दिन शिकारी आया। सारे के सारे तोते पेड़ पर बैठे हुए थे। और सभी तोते जोर जोर से बोलने लगे,
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

अब शिकारी ने यह सुना। शिकारी ने सोचा की,  “इन सबको यह बात पता है। इसका मतलब मैं शिकार नहीं कर पाऊँगा। तो आज मैं शिकार नहीं करूँगा। अगले दिन करूँगा।”

 

अब शिकारी अगले दिन आया। दुबारा उसने जाल बिछाया। उसके बाद दुबारा से सभी तोते ने यही आवाज लगाई –  “शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

शिकारी बहुत परेशान हो गया। शिकारी को बहुत परेशानी होने लगी। पहले सभी तोतों को परेशानी होती थी क्यूंकि उनकी जाती ख़तम होने वाली थी, अब शिकारी को परेशानी यह थी की अगर वह काम नहीं करेगा, अगर वह तोतों को नहीं पकड़ेगा और शहर में जाकर नहीं बेचेगा तो खाना कहाँ से खाएगा? उस शिकारी के रोजी रोटी का यही बस एक तरीका था।

 

अब उस शिकारी ने ऐसेही कुछ दिन बिता दिए। रोज आता, तोते बोलते और वह वापस चला जाता। अब शिकारी बहुत कठिनाई में था। बहुत परेशान हो गया। उसके बाद वह भी उस साधु के पास गया। साधु से पूछा, “महाराज! मुझे बताइए की मैं क्या करूँ? सभी तोतों को यह पता है की मैं जाल बिछाऊंगा, दाना डालूंगा और वह फँसेगे नहीं। तो मैं क्या करूँ महाराज?”

 

अब साधु ने बोला, “तुम अपना काम करो। वह तोते अपना काम कर रहे हैं, तुम अपना काम करते जाओ। यहाँ पर परेशान होने की बिलकुल भी जरुरत नहीं है। जाओ, और जाकर जाल बिछाओ, दाना डालो। अब फँसे या न फॅसे यह उनका काम है।

 

अब वह शिकारी गया। उसने ऐसा ही किया जैसे साधु ने बोला। लेकिन सभी तोते जोर जोर से बोलने लगे शिकारी को देखकर,
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

शिकारी ने जाल बिछाया, दाना भी डाला और सारे के सारे तोते आकर उस जाल में बैठ गए। और दाना खाने लगे। शिकारी ने उन सभी तोतों को पकड़ लिया। अब उस शिकारी के वह सारे तोते आ गए। लेकिन शिकारी  मन में थोड़ा घबराया हुआ था। उसने कहा, “यह क्या हुआ? क्या उस साधु ने मुझे कोई जादू दे दिया? यह सब हो क्या रहा है? इन तोतों को पता था फिर भी मेरे पास आ गए।”

 

शिकारी सभी तोतों को लेकर साधु के पास गया। उसने पूछा, “यह कैसे हुआ?” सभी के सभी तोते मेरे पास आ गए लेकिन सबको पता था। यह सब बार-बार एक ही बात को दोहरा रहे थे। अब वही पर जब  शिकारी बोल रहा था तभी सभी तोतों ने दुबारा से बोलना चालू कर दिया,
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

बार-बार इस बात को तोते दोहराते रहे। और वहाँ पर वह साधु हँसने लगा। साधु ने बोला, “इन लोगों ने केबल यह बात सुनी थी पर इन लोगों ने यह बात समझी नहीं और न ही इस पर अमन किया। वह लोग इसे फॉलो नहीं कर रहे थे। यह लोग इस पर अमल नहीं करते। यह लोग केबल सुनते है और दोहराते है।”

 

इस कहानी से हमें यह समझ जाना चाहिए की आप में से ऐसे बहुत से लोग है जो मोटिवेशनल स्टोरीज सुनते है, अच्छे किताबे पढ़ रहे है, बहुत से वीडियो देख रहे है लेकिन उनको अपने लाइफ में अप्लाई नहीं कर रहे हैं, उन लोगों की हालत भी इन तोतों की तरह है जो सिर्फ बोलते है उसे अमल में नहीं लाता। उसे फॉलो नहीं करता। तो वह भी उसी तरह से उस जाल में फंसे हुए है। और जाल में फँसने के बाद भी वह यही बात बोल रहे है की –  “शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”
“शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा फसना मत”

 

लेकिन वह सब जाल में फँसे हुए है असलियत यही है।

 

इस कहानी से हमें एक और बात सीखनी चाहिए की इंसान जो कहता है वह करे ऐसा जरुरी नहीं है, आप मैं से ऐसे बहुत से लोग होंगे जो की बोलते कुछ और है और करते कुछ और है। मटोवशनाल बातें सुन रहे है, मोटिवेशनल बातें कर रहे है, सामने वाले बस दिखाते है की मैं बहुत मोटीवेट हूँ लेकिन अंदर इसे बहुत कमजोर और छोटे है।

 

दोस्तों मुझे आशा है की इस कहानी से आप केबल मोटीवेट ही नहीं हुए बल्कि आज से अपने लाइफ में कुछ कर दिखाने का भी जस्बा  रखेंगे।

 

तो उमीद है दोस्तों आप सबको यह कहानी “यह कहानी बदल सकती है आपकी जिंदगी | Life-Changing Motivational Story in Hindi” पसंद आई होगी, अगर इस कहानी ने आपको थोड़ा सा भी मोटीवेट किया हो तो इसे अपने दोस्तों और प्रियजनों  के साथ भी शेयर करे। और आपको क्या क्या लगता है की इस कहानी से आपको क्या सीख मिली है वह आप कमेंट करके जरूर बताइए।

 

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