कछुआ और चिड़िया की कहानी | The Tortoise and The Bird Story in Hindi

The Tortoise and The Bird Story in Hindi

 

कछुआ और चिड़िया की कहानी

एक कछुआ एक पेड़ के निचे आराम कर रहा था। और उस पेड़ पर, एक चिड़िया ने अपना घोसला बनाया था। उस कछुए ने उस चिड़िये से मजाक में बोला, “कितना फटा पुराना घर है तुम्हारा! यह टूटे तिनकों का बना है, इसकी छत नहीं है और यह अधूरा है। सबसे बुरी चीज यह है की इसको तुमने अपने आप बनाया है।  मेरा घर जो की मेरा खोल है, तुम्हारे घोसले से ज्यादा अच्छा है।
चिड़िया ने जवाब दिया, “हाँ, यह टूटी लकड़ियों का बना है, फटा पुराना दीखता है और खुल है, यह अधूरा है पर मैं इसे पसंद करता हूँ।”
उस कछुए ने कहा, “हाँ, यह दूसरे घोसलों की तरह है, पर मेरे से ज्यादा अच्छा नहीं है। तुम जरूर जलते होंगे मेरे खोल मेरे खोल से।”
विरोध में चिड़िया ने जवाब दिया, “मेरे घर में जगह है मेरे दोस्तों और मेरे परिवार के लिए। तुम्हारा खोल तुम्हारे सिवा किसी और को नहीं समा सकता। हो सकता है तुम्हारे पास ज्यादा अच्छा घर है पर, पर मेरे पास तुमसे ज्यादा अच्छा घर है।”

शिक्षा – एक भीड़ वाली झोपडी खाली महल से ज्यादा अच्छा होती है। 
 
 
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