यहाँ गायब हो जाती है प्लेन और जहाज | Bermuda Triangle Mysterious Story in Hindi

  Bermuda Triangle Mysterious Story in Hindi 

बरमूडा ट्रायंगल की रहस्मय कहानी

(Bermuda Triangle Mysterious Story in Hindi): स्मार्टफोन्स और कम्प्यूटर्स से भरी इस दुनिया में, बिज्ञान से भरी इस दुनिया में आज भी ऐसी कई चीजे है जिनका कोई बैज्ञानिक व्याख्या नहीं है यानि आधुनिक बिज्ञान आज भी नहीं समझा सकता। उन सारी रहस्मय चीजों में से सबसे रहस्मय चीजों के बारे में आज हम जानने वाले है। यह सब चीजे आज के टेक्नोलॉजी के दुनिया में रहने वाले लोगों को भी चौका देती है। यह चीजे टेक्नोलॉजी के परे है। 

The Mysterious Ocean Area | द मिस्टीरियस ओशन एरिया

सितम्बर 8, 1980 देर लाख टन (150, 000 Ton) लोहे के साथ डर्बीशर (Derbyshire) नाम का एक जहाज अपने लक्ष की और आगे बढ़ रहा था। टाइटैनिक से दो गुना बड़ा और सबसे विख्यात जहाज होने के चलते जहाज के अंदर के लोग सपने में भी नहीं सोच सकते थे की इस बेहद शक्तिशाली जहाज में इन्हे कुछ हो सकता है। पर एक दिन बाद सितम्बर 9, 1980 को यह  डर्बीशर (Derbyshire) जहाज और इसमें मौजूत लोग एक रहस्मय कारन के चलते समुन्दर पर से गायब हो गए। उस समय की यह ब्रिटेन की सबसे बड़ी शिप थी। कोई नहीं समझा सका की यह जहाज गायब कैसे हुआ? इतने एक्सपेरिएंस्ड मेंबर्स होने के बाद भी एक ऐसा जहाज जो कोई सोच भी नहीं सकता था की इसके साथ ऐसा कभी होगा वह आखिर कहाँ चला गया। 
 The Mysterious Ocean Area सुनकर आप सबको ऐसा लग रहा है की यहाँ हम बरमूडा ट्रायंगल के बारे में बात करने वाले है। Bermuda Triangle में तो जहाज और ऐरोप्लॅन्स गायब होती ही है उसके बारे में तो सभी को पता है पर इस एरिया के बारे में बहुत कम ही लोग जानते है। इसका नाम है द ड्रैगन्स ट्रायंगल। इस रहस्मय एरिया में हजारों जहाज और ऐरोप्लॅन्स गायब हुए है। इतने गायब होने की घटनाओ को देखकर हर किसी को लगता था की इस जगह पर जाकर इसकी खोज करनी चाहिए की यहाँ आखिर हो क्या रहा है? और इसी के चलते इस एरिया के बारे में और पता करने के लिए जापान के एक गवर्नमेंट शिप को भी भेजा गया था यह जाँच करने के लिए की जहाजे आखिर जाती कहाँ है? कई जगहों से रिसर्च टीम को बुलाया गया, 100 से भी ज्यादा बैज्ञानिकों को बुलाया गया जो इन सब पैरानॉर्मल चीजों में एक्सपर्ट थे। वह शिप पूरी तैयारी के साथ गई तो थी पर वापस कभी नहीं आई। और कहाँ चली गई किसी को नहीं पता। मतलब रिसर्च करने वाली टीम भी वहाँ से गायब हो गई। 
उसके बाद गवर्नमेंट ने फिरसे किसी भी शिप को उस जगह पर आज तक नहीं भेजी। उसके बाद से इस जगह को आधिकारिक तौर पर डेंजर जोन घोषित कर दिया गया। जिसे समझना बैज्ञानिकों की भी बस की बात नहीं है। बिना उस जगह जाए सिर्फ सॅटॅलाइट और मैप से उस जगह की रिसर्च की गई। तब यह पता चला की यह बिलकुल बरमूडा ट्रायंगल की तरह ही एक त्रिकोण बनाती है। सबसे अजीब बात यह है की यह बिलकुल उसी संरेखित स्थिति में मौजूत है जहाँ Bermuda Triangle है। और इसी के चलते यह यह माना जाता है की इन दोनों जगहों का आपस में कोई कनेक्शन है। क्यूंकि यह कोई इत्तेफाक नहीं हो सकता। और हर बार प्लेन्स गायब हो जाती है इसे भी इत्तेफाक नहीं कह सकते। एक बार हो तो घटना, दो बार हो तो घटना, तीन बार हो तो घटना पर हजार बार यह घटना नहीं हो सकता। यहाँ कुछ न कुछ तो गड़बड़ है। 
जापान की गवर्नमेंट की एडवांस्ड रिसर्च टीम को निगल गए तब यह तो पता चल ही चूका है की यह जगह कितनी खतरनाक है। इतने घटनाओ के बाबजूद भी कई लोगों को लगता था की यह सिर्फ बकवास चीजे है। और कई जहाज वहाँ जाने की हिम्मत भी करती थी पर जिसने हिम्मत किया वह कभी लौटके वापस नहीं आया। पर यहाँ ऐसा क्या है? जिससे यहाँ यह सब घटनाएं होती है। बहुत सारी थेओरीस यानि ऐसी बातें सामने आई जो यह समझाने की कोशिश करती है की आखिर ऐसा क्यों होता है? जहाजे आखिर कैसे गायब हो जाती है। जैपनीज़ लोगों के एक ग्रुप का ऐसा कहना है की समुद्र के निचे बहुत सारे अज्ञात शक्तियां मौजूत है। पैरानॉर्मल चीजे रहती है जो की इन जहाजों को गायब करती है। उनका यह कहना है की यहाँ पर ड्रैगन्स मौजूत है जो जहाजों को निगल लेते है। सुनने में तो अजीब लगता है पर जब ऐसी घटनाएं होती है तो हमें बिज्ञान के परे सोचने की जरुरत होती है।
दूसरे ग्रुप का यह मानना है की समुद्र के निचे एक पोर्टल है, जो जहाजों को दूसरे आयाम में खिंच लेती है। यह पोर्टल सुरंग वाली थ्योरी का का जिक्र बहुत लोगों ने  Bermuda Triangle के केस में भी किया है। थेओरिस्ट का यह मानना है की यह पोर्टल जहाजों और ऐरोप्लॅन्स को एक दूसरी दुनिया में ले जाती है। एक पैरेलल दुनिया का पोर्टल है यह जो की दूसरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। अभी तक इसका कोई वैज्ञानिक व्याख्यानहीं पाया गया है। पर 1987 में जब यह सब घटनाएं होनी शुरू हुई थी तब बहुत सारे ग्रुप ने यह खोजने की कोशिश की की जहाँ प्लेन्स और जहाजे गायब होती है उसी पॉइंट पर समुद्र के निचे क्या मौजूत होगा? जब भी कोई रिसर्च करने जाता वह खो जाता और कोई लौटकर  वापस नहीं आता। पर दो लोगों का एक ग्रुप आखिरकार रिसर्च कम्पलीट करके आया। दो डाइवर्स समुद्र के अंदर ही अंदर रिसर्च करने गए की आखिर यहाँ है क्या? पर वह दोनों उस ओसियन के अंदर नहीं गए। बल्कि जहाँ से ड्रैगन्स ट्रायंगल शुरू होता है उसके बॉर्डर के आसपास ही कुछ सुराग ढूंढने लगे। और उन्हें कुछ अजीब से स्ट्रक्चर्स दिखने को मिले जो अपने आप तो बिलकुल भी नहीं बन सकते। समुद्र के अंदर जो ऐसे स्ट्रक्चर्स होते है उनका कोई शेप नहीं होता रैंडम शेप होते है। पर इन स्ट्रक्चर्स को देखकर उन्हें ऐसा लगा की उसे किसी ने बनाया हो। और जिन लोगों ने इसे डिस्कवर किया उन्होंने इसकी टेस्टिंग करने के बाद यह डिस्कवर किया की यह किसी का बनाया हुआ है। इसे किसने बनाया कोई नहीं जानता। 
पुरे ड्रैगन्स ट्रायंगल के बॉर्डर पर जहाँ पर यह शुरू होता है वहाँ ऐसे स्ट्रक्चर्स बने हुए है। पर इन पत्थरों का और जहाजों के गायब होने का आपस में कोई न कोई कनेक्शन जरूर है। अगर आप इस जगह जाते है तो आपको यह दिखने को मिलेगा की आपका कंपास इस जगह काम करना बंद कर देगा। और जितने भी इलेक्ट्रिकल चीजे है वह ठीक से काम नहीं करेंगे। वहाँ जाने के बाद अचानक मौसम बदलने लगेगा। लहरे उठने लगेगी। और कई लोगों ने यह भी कहा है की उन्हें आसमान में अजीब सी चीजे दिखती है। किसी ने यह भी कहा है की उन्हें  एक व्हर्लपूल दीखता है। और इस व्हर्लपूल के चलते ही बहुत से जहाज डूब जाती है। पर धरती के इतने बड़े समुद्र पर ऐसा असाधारण व्हर्लपूल इसी जगह पर देखने क्यों मिलता है? 
कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है की उन्हें घोस्ट शिप दिखने को मिलती है। ऐसी जहाजे दिखने को मिलती है जिसमे कोई इंसान मौजूत ही नहीं होता। यह घोस्ट शिप्स बहुत लोगों ने देखा है जब वह उस जगह से गुजरते है, जहाँ से यह एरिया शुरू होता है। 
इन अजीब चीजों के साथ साथ एक और अजीब चीज होती है इस जगह पर। कई रिपोर्ट्स के हिसाब से यहाँ के जहाजे समय फैलाव (Time Dilation) को अनुभब करते है। तो बरमूडा ट्रायंगल और ड्रैगन्स ट्रायंगल दोनों जगहों पर ऐसी घटनाएं हुई है। मतलब इन जगहों पर Time Dilation होती है। एक दो इंसान अगर इस जगह के बॉर्डर को टच करके वापस भी आते है तो समय उनके लिए सेम नहीं होता। ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट्स बहुत कम है। पर लोगों ने अनुभब जरूर किया। और यह Time Dilation कोई रहस्मय चीज नहीं है। बिज्ञान की दुनिया में यह एक बहुत फेमस कांसेप्ट है। अंतरिक्ष में ब्लैक होल के सामने से अगर कोई चीज गुजरती है तब उसके लिए समय बहुत स्लो हो जाता है। मतलब अगर आप सात दिन के लिए स्पेस में गए और ब्लैक होल के सामने से चक्कर लगाकर आप धरती पर जब वापस आएंगे तब आपके लिए तो सात ही दिन बीते होंगे पर वापस आकर आप देखोगे की सात साल बीत चुके है। Time Dilation एक ऐसी चीज है जो असल दुनिया में भी होती है। औरयह बैज्ञानिक साबित कर चुके है। अजीब बात यह है की इस इस जगह पर ऐसा होता क्यों है? धरती पर इतनी एरिया में समुद्र का पानी है पर पुरे धरती पर इन्ही जगहों पर ऐसा क्यों होता है? और यही वह बजह है जिसके चलते लोग इन जगहों को पैरेलल यूनिवर्स से जोड़ते है। और कहते है की इन जगहों पर कई अदृश्य सुरंग मौजूत है जो सारी चीजों को निगल जाती है। 
बरमूडा ट्रायंगल और ड्रैगन्स ट्रायंगल यह दोनों जगहे दुनिया के उन जगहों में से है जहाँ बिज्ञान चाहकर भी पता नहीं लगा पा रही की आखिर वहाँ हो क्या रहा है? ऐसी रहस्य सचमे हमें बिज्ञान की परे सोचने पर मजबूर कर देती है। इन घटनाओ के बाद कोई भी इस जगहों पर जाने कि हिम्मत नहीं करता है। 
तो दोस्तों आपको इस रहस्मय कहानी “यहाँ गायब हो जाती है प्लेन और जहाज | Bermuda Triangle Mysterious Story in Hindi” की जानकारी कैसी लगी, निचे कमेंट करके जरूर बताए और असेही और भी रहस्मय कहानियों की जानकारी के लिए इस ब्लॉग को सब्सक्राइब करे। और इसे अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर करे। 
 
 

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