Best Motivational Stories in Hindi

विश्व के सबसे अनोखी 3 प्रेरक कहानियाँ जो आपकी सोच बदल देगी | 3 Best Motivational Stories in Hindi

 3 Best Motivational Stories in Hindi

हम सारी जिंदगी खुशियों को पाने के लिए दौड़ते  रहते है। पर ऐसा लगता है की खुशिया हमसे रूठ गई है। किसी से भी पूछो की, “आप कैसे हो?” तो बाहर से तो हर इंसान यही कहता है, “मैं ठीक हूँ, मैं खुश हूँ।” लेकिन जब उसके करीब जा करके उससे पूछो, “तुम खुश हो या नहीं हो?” तो वह इंसान कहता है की, “मेरे पास सब कुछ है लेकिन मैं बिलकुल भी खुश नहीं हूँ।”
लोग अपनी जिंदगी में हरप्रकार की सुख-सुबिधाए जुटा लेता है। धन-संपत्ति सब कुछ होता है लेकिन उनके जिंदगी में खुशिया नहीं होती। उनके मन में शांति नहीं होती। सुख नहीं होता है। हमारे दोस्त और रिश्तेदार तो बहुत होते है लेकिन जो हमारा अकेलापन दूर कर सके ऐसा हमें कोई नहीं मिलता।
आज के कहानी में हम बात करेंगे ऐसे 3 कहानियों के बारे में जो आप जिंदगी में कभी भी हिम्मत हार जाओ,जब आपको लगे की आपके जिंदगी में कोई ख़ुशी ही नहीं है, जब आपकी जीने की इच्छा ही ख़तम हो जाए तब यह कहानियाँ आपको जीने की नई प्रेरणा देगी।
पहली कहानी, Best Motivational Stories in Hindi

1. एक धनि महिला / Best Motivational Stories in Hindi

Best Motivational Stories in Hindi
 
एक धनि महिला अपने एक मनोचिकित्सक के पास गई और बोली, “डॉ, साहब मुझे लगता है की मेरा पूरा जीवन बेकार हो गया है। इसका कोई अर्थ ही नहीं है, कोई ख़ुशी ही नहीं है मेरी जिंदगी में। मेरे पास धन की कोई कमी नहीं है। लेकिन उसके बाद भी मेरे जिंदगी में कोई ख़ुशी नहीं है। और अब तो मैं जीना भी नहीं चाहती। ऐसा लगता है की अपनी जिंदगी को ही ख़तम कर दू। समझ नहीं आता की क्या करूँ मैं। उस मनोचिकित्सक ने एक बूढ़ी औरत को बुलाया जो वहाँ पर साफ-सफाई का काम करती थी। और उस धनि महिला से बोला, “मैं इस बूढ़ी औरत से तुम्हे यह बताने के लिए कहूँगा की कैसे इसने अपने जिंदगी में खुशियों को ढूंढा है। मैं चाहता हूँ की तुम इसे ध्यान से सुनो की इसकी जिंदगी कैसी थी। और इसने अपने आपको कैसे संभाला।
 
फिर उस बूढ़ी औरत ने अपना झाड़ू निचे रखा और बताने लगी, “मेरे पति की मैलेरिया से मौत हो गई। और उसके 3 महीने बाद मेरे बेटे का भी एक सड़क एक्सीडेंट में मौत हो गई। मेरे पास कोई नहीं था। मेरे जिंदगी में कुछ नहीं बचा था। मैं सो नहीं पाती थी, खा नहीं पाती थी, कुछ पी नहीं पाती थी। मैंने हँसना मुस्कुराना ही बंध कर दिया था। मैं अपनी जिंदगी को ख़त्म करने की तरकीबे सोच रहा था। जब मैं काम से घर आ रही थी तब एक छोटी सी बिल्ली का बच्चा मेरे पीछे पड़ गया। और बाहर बहुत ठंड थी।  इसलिए मैंने उसे अपने घर पर रखा। उसके लिए मैंने थोड़ा सा दूध का इंतिजाम किया।
उसने सारा दूध एक ही झटके में ख़त्म कर लिया। और फिर वह बिल्ली का बच्चा मेरे पैरो में आकर लिपट गया। और मेरे पैरो को चाटने लगा। उस दिन मैं बहुत दिनों के बाद मुस्कुराई थी। फिर मैंने सोचा की, “अगर इस एक बिल्ली की मदद करने से मुझे ख़ुशी मिल सकती है तो हो सकता है दुसरो के लिए कुछ करके मुझे और भी ज्यादा ख़ुशी मिले। इसलिए अगले दिन मैं अपने पड़ोसी जो की बीमार था, उसके लिए कुछ बिस्कुट बनाकर लेकर गई। और ऐसे ही मैं दिन व दी कुछ नया करती थी जिससे दुसरो को ख़ुशी मिले। और अब उन्हें ख़ुशी देखकर मुझे बहुत ख़ुशी लगती है। आज मैंने खुशियां ढूंढ ली है दुसरो को ख़ुशी देखकर।”
उसकी दर्द भरी कहानी सुनकर वह धनि महिला रोने लगी। उसके पास वह सब कुछ था जो की वह पैसे से खरीद सकती थी। लेकिन उसने वह चीजे खो दी जो पैसे से खरीदी नहीं जा सकती।
यह कहानियाँ हमें शिक्षा देती है की जिंदगी की खुशिया इस पर निर्भर नहीं करती की हम कितने खुश है बल्कि इस पर निर्भर करती है की हमारे वजह से कितने लोग खुश है। इसलिए जब भी जिंदगी में आपको यह लगे की आप खुश नहीं है, आपके जिंदगी में खुशिया खत्म हो गई है  तो एक बार आप यह कोशिश करके देखनाकी आपकी बजह से किसी और को ख़ुशी मिले। विश्वास रखना जब  बजह से किसी और को ख़ुशी मिलती है न तब आपकी जिंदगी में अपने आप खुशिया आ जाती है। किसी भूखे को कुछ खाना खिला देते है, किसी जरूरतमंद इंसान की मदद कर देते है उससे हमें बहुत ख़ुशी मिलती है। एक कहावत है, “गम बाँटने से कम होता है और खुशिया बाँटने से बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।”
इसलिए अगर आप भी अपने जिंदगी में खुशियों को पाना चाहते है तो इन खुशियों को दुसरो के साथ बाँटना सीखे।
दूसरी कहानी,  Best Motivational Stories in Hindi

2.हिरे की परख / Best Motivational Stories in Hindi

3 Best Motivational Story in Hindi
Best Motivational Stories in Hindi
 एक राजा का दरबार लगा हुआ था। सर्दी के दिन थे इसलिए राजा का दरबार खुले में लगा हुआ था। पूरी सभा सुबह के धुप में बैठी थी। महाराज के सिंघासन के सामने एक साही मेज रखी थी। और उस पर कुछ कीमती चीजे रखी थी। उसी समय राजा के पास एक व्यक्ति आया और उसने राजा से कहा, “मेरे पास दो वस्तु है। मैं हर राज्य के राजा के पास जाता हूँ और अपने वस्तुओं को रखता हूँ। पर कोई भी उसे परख नहीं पाता है। और मैं विजेता बनकर घूम रहा हूँ। अब मैं आपके नगर में आया हूँ।”
राजा ने उसे बुलाया और कहा, “वह कौनसी वस्तु है?” तो उस व्यक्ति ने वह दोनों वस्तुए उस मेज पर रख दी। वह दोनों वस्तु बिलकुल समान आकार और समान रूप-रंग के थे। राजा ने कहा, “यह दोनों वस्तु तो एक है।” तो उस व्यक्ति ने कहा, “हाँ, देखने में एक जैसी लगती है। लेकिन दोनों बिलकुल अलग है। इनमे से एक बहुमूल्य हिरा है और दूसरा कांच का टुकड़ा है। लेकिन देखने में एक जैसी लगती है। इसलिए आज तक इसे कोई परख ही नहीं पाया है। अगर कोई इसे परखके बता दे की इनमे से हिरा कौनसा है  कांच कौनसा है तो मैं हार मान जाऊँगा। और यह कीमती हिरा मैं आपके राज्य के तिजोरी में जमा करवा दूँगा। लेकिन शर्त यह है की अगर कोई इसे परख नहीं पाया तो इस हिरे की जो कीमत है वह आपको मुझे देनी होगी।”
राजा ने कहा, “मैं तो इसे नहीं परख सकता।” राजा के जो मंत्री थे, वजीर थे, जितने भी सभा में उपस्थित थे सबने उसे परखने से इंकार कर दिया। क्यूंकि अगर किसी ने भी गलत उत्तर दिया तो उससे राजा की प्रतिज्ञा गिर जाएगी, राजा का मान भंग हो जाएगा। कोई भी व्यक्ति उन दोनों वस्तु को परख ही नहीं पाया। थोड़ी देर में वहाँ पर एक हलचल हुई और एक अँधा आदमी हाथ में लाठी लेकर उठा और उसने कहा, “मुझे महाराज के पास ले चलो। मैंने सारी बातें सुनी  है। और यह भी सुना है की कोई इसे परख नहीं पा रहा है। तो एक अवसर तो मुझे भी मिलना चाहिए।”
एक आदमी के सहारे वह राजा के पास पहुँचा। उसने राजा से प्रार्थना की, “मैं तो जन्म से अँधा हूँ। लेकिन फिर भी मुझे एक मौका दिया जाए जिससे मैं भी अपने बुद्धि को  परख सकूँ। और हो सकता है की सफल भी हो जाऊँ। और यदि सफल न हुआ तो आप तो वैसे भी हारे हुए है।” राजा ने उस अंधे व्यक्ति की बात मान ली और कहा, “ठीक है।” तब उस अंधे व्यक्ति को दोनों वस्तुए छोया दी गई और पूछा गया, “इनमे से हिरा कौनसा है? और कांच कौनसा है?  यही तुम्हे परखना है।”
उस आदमी ने एक क्षण में यह बता दिया की, “यह हीरा है और यह कांच है।” जो आदमी इतने राज्यों को जीतकर आया था वह नतमस्तक हो गया। और उस व्यक्ति से कहा, “आपने बिलकुल सही पेहचान की है। धन्य हो आप। मैं यह हीरा आपके राज्य के तिजोरी में दे रहा हूँ।” सब बहुत खुश हो गया। और जो आदमी बाहर से आया था वह भी बहुत प्रसन्न हो गया और सोचने लगा, “कमसकम कोई तो परखने वाला मिला।”
आदमी ने, राजा ने और दरबार के सभी लोगों ने उस अंधे आदमी से पूछा , “तुमने यह कैसे पता किया की कौनसा हीरा है और कौनसा कांच?” तब उस अंधे व्यक्ति ने कहा की, “सीधी सी बात है, हम सब धुप में बैठे हुए है। मैंने दोनों को छुया। जो ठंडा था वह हीरा था और जो गर्म हो गया वह कांच था।”
यह कहानी भी हमारे जिंदगी से जुडी हुई है। हमारे जिंदगी में भी ऐसे दुःखो की, तकलीफों की और परेशानियों की धुप पड़ती रहती है। लेकिन उस सारी तकलीफों में भी जो इंसान ठंडा रहता है, जो इंसान खुश रहता है वह इंसान हिरे के समान होता है। लेकिन जो इंसान दुःखो के आ जाने पर एकदम दुःखी हो जाता है, टूट जाता है, गुस्से से गर्म हो जाता है वह इंसान कांच के समान है। अगर आप भी चाहते है की आपकी कीमत हिरे के समान हो तो दुःख और तकलीफों के आने पर कांच के टुकड़े के समान कभी भी गर्म मत होना। बल्कि हिरे के समान ठंडा रहना।
तीसरी कहानी, Best Motivational Stories in Hindi

3. भिखारी बना व्यापारी / Best Motivational Stories in Hindi

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Best Motivational Stories in Hindi
एक ट्रैन में एक व्यापारी यात्रा कर रहा था। और उसी ट्रैन में वहाँ पर एक भिखारी आया। वह उस व्यापारी से भीख मांगने लगा।  उस व्यापारी ने कहा, “मैं एक व्यापारी हूँ और मैं लेन-देन में विश्वास रखता हूँ। तुम्हारे पास कुछ है मुझे देने के लिए? तभी मैं तुम्हे कुछ दूँगा।” उस व्यापारी के बात ने भिखारी के दिल को छू लिया। उसने मन में यह तेइ कर लिया जब भी उसे कोई भीख देगा तो बदले में वह भिखारी भी उसे कुछ न कुछ देगा।
वह भिखारी बहुत सोचने लगा, “मैं लोगों को क्या दूँ?” और तभी उसकी नजर एक बगीचे में लगी फूलों पर पड़ी। वह वहाँ से कुछ फूल तोड़कर लाया। और जो भी इंसान उसे भीख देता बदले में यह भिखारी उसे भीख देने लगा। एक दिन वही व्यापारी उसे ट्रैन में मिला। तो भिखारी ने उससे कहा, “आपने मुझे पिछली बार कहा था की अगर तुम मुझे बदले में कुछ दो तभी में तुम्हे कुछ दूँगा। इसलिए आज आपको देने के लिए मेरे पास यह सुन्दर फूल है।”
व्यापारी ने उससे फूल लिया और बदले में उसने भिखारी को अच्छी भीख दी। और भिखारी से कहने लगा, “आज तो तुम भी मेरी तरह एक व्यापारी बन गए हो।” उस व्यापारी की बात सुनकर वह भिखारी मन ही मन बहुत खुश हो गया। और सोचने लगा, “अब तो मैं भी एक व्यापारी हूँ। क्यूंकि व्यापर में यही तो होता है की हम किसी को कुछ देते है और बदले में हमें कोई कुछ देता है।
अब तीसरी बार वह भिखारी और वह व्यापारी एक ही ट्रैन में जा रहे थे। लेकिन अब भिखारी बहुत सुन्दर लग रहा था। उसके कपडे भी अच्छे थे। भिखारी ने व्यापारी से पूछा, “क्या तुमने मुझे पहचाना?” उस व्यापारी ने कहा, “मुझे नहीं पता तुम कौन हो। मैं तो तुमसे पहली बार मिल रहा हूँ। तो भिखारी ने कहा, “यह हमारी तीसरी मुलाक़ात है। मैं वही भिखरी हूँ जिसने आपसे प्रेरणा लेकर अपना खुद का फूलों का वव्यापार शुरू कर दिया है। आज में आपकी प्रेरणाओं की बजह से एक बहुत बड़ा व्यापारी बन गया हूँ। और अपने फूलों के व्यापर के काम से ही दूसरे शहर जा रहा हूँ।”
यह कहानी हमें शिक्षा देती है की हम अपने आपको क्या मानते है? जो हम अपने आपको मानते है वही हम बन जाते है। अगर हम सारी जिंदगी दिन-दुःखी बनकर रहते है, खुद को एक दुःखी इंसान मानते है तो दुःख हमारा पीछा कभी छोड़ता ही नहीं। अगर हम अपने आपको भिखारी मानेंगे तो हमारा स्वभाव भी वैस बन जाएगा। और अगर हम अपने आपको एक सफल और खुश इंसान मानेंगे तो सफलता और खुशिया हमारे जिंदगी में अपने आप आ जाएगी। याद रखियेगा एक बात, आपको वह नहीं मिलता जो आप चाहते है आपको वह मिलता है जिसमे आप विश्वास रखते है। अगर आप अपने आपको दुःखी इंसान मानते रहेंगे तो दुःख से पीछा छूटेगा ही नहीं। और अगर आप अपने आपको एक खुश इंसान मानेंगे तो विश्वास रखना आपके सारे दुःख दूर हो जायेंगे।
दोस्तों मुझे उमीद है की आपको यह विश्व के सबसे अनोखी 3 प्रेरक कहानियाँ जो आपकी सोच बदल देगी  | 3 Best Motivational Story in Hindi कहानी अच्छी लगी होगी अगर अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों और परिवारों के साथ और अपने प्रियजनों के साथ जरूर शेयर करे। यह विश्व के सबसे अनोखी 3 प्रेरक कहानियाँ जो आपकी सोच बदल देगी  | 3 Best Motivational Story in Hindi कहानी हमें हमारे लाइफ मैं बहुत कुछ सिखाती हैं। इसलिए इस कहानी को शेयर जरूर करे।

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