10 Very Short Hindi Moral Stories With Valuable Lessons

10 Very Short Hindi Moral Stories
10 Short Hindi Moral Stories
 

10 Short Hindi Moral Stories: अगर आप ऑनलाइन कहानियां पढ़ना चाहते है तो मैंने इस साइट पर बहुत सारे कहानियां लिख रखे है आप जाकर चेक कर सकते है। लेकिन अभी हम बात करेंगे 10 very Short Hindi Moral Stories के बारे में  Valuable Lessons के साथ।

10 Very Short Hindi Moral Stories

यह कहानियां बहुत छोटी और बच्चो के पढ़ने के लिए बहुत मजेदार है इसलिए इन 10 very Short Hindi Moral Stories को पुरे आनंद के साथ पढ़े। मैं उमीद करता हूँ की आपको यह नैतिक कहानियां बहुत पसंद आएगी।

#1 गांव में रहने वाला बूढ़ा आदमी – Short Hindi Moral Stories

10 Very Short Hindi Moral Stories
एक गांव में एक बूढ़ा आदमी रहता था। वह दुनिया में सबसे बदकिस्मत लोगों में से एक था। गांव के लोग उससे बहुत परेशान था। वह हमेशा उदास रहता था, शिकायत करता रहता था और हमेशा बुरे मूड में रहता था।
वह जितना ज्यादा दिन तक जीवित रहेगा उतना ही बदमिजाजी बनता जाएगा और उतने ही जहरीले उसके शब्द थे। लोग उससे बहुत बचके रहते थे क्युकी लोगों को लगता था की उसका दुर्भाग्य पूरी तरह से फैल चूका था। उसके आगे खुश रहना भी अस्थाभाबिक और अपमानजनक था। उन्होंने दूसरों में न ख़ुशी की भाबना पैदा कर दी थी।
पर एक दिन, जब वह अस्सी साल का हुआ, तो एक अविश्वसनीय बात हुई। तुरंत सभी ने अकबाह सुननी शुरू कर दी –
बूढ़ा आदमी- “अस्सी साल में ख़ुशी का पीछा कर रहा था पर व्यर्थ रहा। फिर मैंने ख़ुशी के बिना जीने का फैसला किया और बस जीवन का आनंद लिया। और अब मैं खुश हूँ।”

Moral of The Story – ख़ुशी का पीछा मत करो। जीवन का आनंद लो। 

 

#2 बुद्धिमान व्यक्ति – Short Hindi Moral Stories

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एक बुद्धिमान व्यक्ति था। लोग हर बार उस बुद्धिमान व्यक्ति के पास आते थे और उनके समस्याओं के बारे में शिकायत करते रहते थे। एक दिन उस बुद्धिमान व्यक्ति ने एक चुटकुला सुनाया और वहाँ मौजूत सभी लोग हंसी से ,झूम उठे।
कुछ समय के बाद, बुद्धिमान व्यक्ति ने दुबारा सभी को वही चुटकुला सुनाया और उनमे से कुछ लोग ही मुस्कुराए।
जब उन्होंने तीसरी बार वही चुटकुला सुनाया तो कोई भी नहीं हंसा।
बुद्धिमान ब्यक्ति मुस्कुराया और कहा,
“आप एक ही मजाक में बार-बार हंस नहीं सकतेतो। तो आप हमेशा एक ही समस्या के बारे में बार-बार क्यों रो रहे है?” 

Moral of The Story – चिंता  करने से आपके समस्याओं का समाधान नहीं होगा, यह सिर्फ आपका समय और ऊर्जा बर्बाद करेगा। 

 
 

#3 एक अच्छा दोस्त- Short Hindi Moral Stories

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एक बार दो दोस्त रेगिस्तान से गुजर रहे थे। यात्रा के दौरान दोनों दोस्त अचानक बहस करने लग गए ,जिसके कारन एक दोस्त ने दूसरे दोस्त को थप्पड़ मार दिया।
जिसे थप्पड़ मारा गया, उसे चोट लगी। लेकिन बिना कुछ कहे उसने रेत में लिखा,
“आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा।”
वह तब तक रेगिस्तान में टहलते रहे जब तक उन्हें नहाने के लिए एक सरोवर न मिला। नहाते समय जिस दोस्त को थप्पड़ मारा गया था, वह अचानक पानी में डूबने लगा। लेकिन उसके दोस्त ने उसे बचा लिया। डूबने से बचने के बाद उसने एक बड़े से पत्थर पर लिखा,
“आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मेरी जान बचाई।”
जिस दोस्त ने थप्पड़ मारा था और अपने दोस्त को पानी में डूबने से बचाया उसने पूछा,
“मैंने जब तुम्हे चोट पहुँचाई, तब रेत में लिखा और जब जान बचाई, तो पत्थर में, क्यों?”
दूसरे मित्र ने उत्तर दिया,
“जब कोई हमें ठेस पहुँचाता है तब हमें उसे रेत में लिखना चाहिए जहाँ क्षमा की हवाएँ इसे मिटा सकती है। लेकिन, जब कोई हमारे लिए कुछ अच्छा करता है तब हमें उसे पत्थर में उकेरना चाहिए, जहाँ कोई हवा उसे मिटा नहीं सकती है।”

Moral of The Story – जीवन में नहीं है उन चीजों को महत्व न देकर उन्हें  महत्व दे जो की आपके जीवन में है। 

 

#4 चार होशियार छात्र – Short Hindi Moral Stories

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एक रात चार कॉलेज के छात्र देर रात तक पार्टी कर रहे थे।इसलिए वह लोग अगले दिन की परीक्षा के लिए बिलकुल भी पढ़ नहीं पाए। सुबह होने के बाद चारों ने मिलकर एक योजना बनाई।
 वह चारों अपने शिक्षक के पास गए और उनसे कहा की कल रात वह चारों एक शादी में गए थे और रास्ते में उनके कार का टायर फट गया जिसकी बहज से उन्हें कार को धकेलना पड़ा। इसलिए वह चारो परीक्षा देने की स्तिथि में नहीं थे।
उनके शिक्षक ने थोड़ी देर सोचा और कहा,
“तुम तीनों तीन दिन के बाद परीक्षा दे सकते हो।”
चारों छात्रों ने उन्हें धन्यवाद दिया और कहा,
“ठीक है, तीन दिन के बाद हम परीक्षा देने आ जाएंगे।”
तीन दिन बाद, चारों छात्र शिक्षक के पास उपस्थित हुए। शिक्षक ने कहा की यह एक विशेष परिक्षण था इसलिए सभी को अलग-अलग कक्षाओं में बैठाया जाएगा। चारों छात्र शिक्षक के बात पर सहमत थे क्यूंकि उन्होंने तीन दिनों में लगभग अच्छी तैयारी कर ली थी।
परीक्षा में केवल 100 नंबर के साथ 2 प्रश्न शामिल थे।
पहला प्रश्न – आपका नाम? (1 नंबर)
दूसरा प्रश्न – कौनसा टायर फट गया था? (99 नंबर)
विकल्प – (क) फ्रंट लेफ्ट (ख) )फ्रंट राइट (ग) बैक लेफ्ट (घ) बैक राइट

Moral of The Story – जिम्मेदारी ले  या फिर सबक सीखेंगे। 

 

#5 लालची शेर – Short Hindi Moral Stories

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बहुत गर्मी का दिन था और एक शेर भूख से तड़प रहा था। वह अपने गुफा से बाहर आया और खाने की तलाश में इधर-उधर भटकने लगा। उसे केवल एक छोटा सा खरगोश दिखने को मिला। शेर ने खरगोश को पकड़। लिया
शेर ने सोचा,
“यह मेरा पेट नहीं भर सकता।”
उसी रास्ते से एक हिरन जा रहा था। हिरन को देखकर उसका लालच बढ़ गया।
वह सोचने लगा,
“इस छोटे से खरगोश को खाने की बजाई मुझे उस बड़े से हिरन को खाना चाहिए।”
ऐसा सोचकर शेर ने खरगोश को जाने दिया। देखते ही देखते हिरन जंगल में गायब हो गया। अब तो वह खरगोश भी वहाँ से जा चूका था। शेर अफ़सोस करने के बजाई और कुछ न कर सका।

Moral of The Story – हाथ में एक चीज हो तो उसे छोड़कर दूसरे  के पीछे नहीं  भागना चाहिए। 

#6 बुद्धिमानी से गिनें – Short Hindi Moral Stories

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एक दिन, राजा अकबर ने अपने दरवार में एक प्रश्न पूछा, जिसने सभी को कठघरे में खड़ा कर दिया। जब सभी सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश कर रहे थे, तब बीरबल अंदर आए और पूछा की मामला क्या है? उन्होंने उनसे सवाल दोहराया।
सवाल था,
“शहर में कुल कितने कौए है?”
बीरबल मुस्कुराए और तुरंत अकबर के पास गए। उसने उत्तर की घोषणा की। उन्होंने कहा की शहर में इक्कीस हजार पांचसो तेईस कौए थे। जब उनसे पूछा गया की उन्हें जवाब कैसे पता है?
तो बीरबल ने जवाब दिया,
“अपने आदमियों से कौए की संख्या गिनने को कहे। यदि वहाँ अधिक है, तो कौए के रिश्तेदार उन्हें पास के शहर से देखने आ रहे है। यदि कम है, तो हमारे शहर के कौए अपने रिश्तेदारों से मिलने जरूर जाते है जो शहर से बाहर रहते है।”
जवाब से प्रसन्न होकर अकबर ने बीरबल को माणिक और मोती की चैन भेंट दी।

Moral of The Story – आपके उत्तर के लिए स्पष्टीकरण होना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की उत्तर देना। 

 

#7 भेड़िये आ गया – Short Hindi Moral Stories

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एक गांव में, एक लापरबाह लड़का अपने पिता के साथ रहता था। लड़के के पिता ने उसे बताया की खेतों में चरने के दौरान भेड़ो को देखने के लिए वह काफी बूढ़ा हो गया है। हर दिन, उसे भेड़ो को घास वाले खेतों में ले जाना और उन्हें चरते हुए देखना था। हालाँकि लड़का न खुश था और भेड़ो को खेतों में नहीं ले जाना चाहता था। वह दौड़ना और खेलना चाहता था न की भेड़ चराना। इसलिए उसने कुछ मजेदार करने की सोची।
एक दिन लड़का जब भेड़ चराने गया, उसने जोर से चिल्लाया,
“भेड़िया आ गया! भेड़िया आ गया!”
जब तक गांव वाले तो लड़का चुपचाप अपनी भेड़ चराने लग गया। गांव वाले जब वहाँ आए तो उन्होंने देखा की वहाँ भेड़ और उस लड़के के अलावा कोई भी भेड़िया दिखाई नहीं दे रहा था।
अगले दिन, लड़के ने फिरसे चिल्लाया,
“भेड़िया आ गया! भेड़िया आ गया!”
यह सुनकर गांव वाले फिरसे वहाँ भेड़िये का पीछा करते हुए दौड़कर आए। गांव वाले ने देखा की इस बार भी वहाँ कोई भेड़िये नहीं था। इस बार गांव वाले गुस्से से चले गए। तीसरे दिन, जब वह लड़का छोटी पहाड़ी पर अपने भेड़ो को देखने के लिए गया तो उसने अचानक एक भेड़िये को अपने भेड़ो पर हमला करते हुए देखा।
लड़का चिल्लाने लगा,
“भेड़िया आ गया! भेड़िया आ गया!”
लेकिन एक भी गांव वाले उसके मदद के लिए नहीं आए। गांव वाले ने सोचा की वह लड़का फिरसे मजाक कर रहा है इसलिए कोई भी नहीं गया। लड़के ने उस दिन अपने कई भेड़ें खो दिए, सब उसके मूर्खता के कारण।

Moral of The Story – झूट बोलने वाले लोगों पर भरोसा करना हमेशा मुश्किल है, इसलिए हमेशा सच होना महत्वपूर्ण है। 

 

 

#8 द गोल्डन टच – Short Hindi Moral Stories

10 Very Short Hindi Moral Stories
एक बार एक छोटे से शहर में एक लालची आदमी रहता था। वह बहुत अमीर था और वह सोने और सोने के सभी चीजों को बहुत पसंद करता था। एक दिन, उसने एक परी को देखा। परी की बाल कुछ पेड़ के शाखाओं में फँस गए थे। उसने उसे बाहर निकालने में मदद की।
परी ने उसकी मदद करने के लिए उसे धन्यवाद कहा और एक इच्छा मांगने के लिए कहा।
वह आदमी बहुत लालची था। इसलिए उसने कहा,
“मैं जिस भी चीज को छुऊँगा वह सोने में बदल जाए।”
परी ने उसकी इच्छा पूरी कर दी।
लालची आदमी अपनी पत्नी और बेटे को अपनी इच्छा के बारे में बताने के लिए घर की तरफ भागा। जब वह भाग रहा था तो जमीन में कंकर और छोटे छोटे पत्थर सोने में बदल रहे थे। जब आदमी घर पहुँचा तो उसकी छोटी बेटी उसकी तरफ दौड़ी चली आ रही थी। आदमी ने जब अपनी बेटी को बाहों में उठाया तब वह सोने में बदल गई। वह आदमी बहुत रोने लगा और अपनी बेटी को वापस लाने की बहुत कोशिश कर रहा था, पर वह कुछ नहीं कर पाया। उसने अपनी मूर्खता का एहसास किया और अपनी बाकि की रातें परी की तलाश में बिता दी।

Moral of The Story – लालच हमेशा पतन की और ले जाएगा। 

 

#9 गर्भित गुलाब – Short Hindi Moral Stories

10 Very Short Hindi Moral Stories
एक बार की बात है, एक बगीचे में एक सुंदर गुलाब का पौधा था। पौधे पर एक गुलाब का फूल अपनी सुंदरता पर गर्भ कर रहा था। हालाँकि, वह निराश था की वह एक बदसूरत कैक्टस के बगल में बढ़ रहा है। हर दिन, गुलाब अपनी सुंदरता के बारे में कहता रहता था और कैक्टस का अपमान करता था, लेकिन कैक्टस चुप रहा। बगीचे के अन्य सभी पौधों ने गुलाब को कैक्टस को अपमान करते हुए बहुत रोका लेकिन गुलाब ने किसी की नहीं सुनी और अपनी सुंदरता पर गर्भ करता गया।
एक गर्मी के दिन में, बगीचे में एक कुआं सुख गया और पौधों को देने के लिए पानी नहीं था। गुलाब ने देखा की कुछ पानी के लिए एक गोरैया अपनी चोंच को कैक्टस में डुबोती है।
गुलाब को इस बार कैक्टस का मजाक बनाने में बहुत शर्म महसूस हुई। लेकिन क्यूंकि पानी की जरुरत थी, इसलिए गुलाब ने कैक्टस से पूछा की क्याकुछ पानी हो सकता है? कैक्टस गुलाब की बात पर सहमत था और हाँ कहा। और अब वह दोनों गर्मियों में दोस्त की तरह रहने लगे।

Moral of The Story – कभी भी किसी को उसके रूप से मत आंकिए। 

 

#10 पेंसिल की पूंछ – Short Hindi Moral Stories

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राज नाम का एक लड़का बहुत परेशान था क्यूंकि उसने अपने अंग्रेजी की परीक्षा में बहुत खराब प्रदर्शन किया था। वह अपने कमरे में बैठा था की तभी उसकी दादी उसके पास आई और उसे सांत्वना देने लगी। उसकी दादी उसके पास बैठी और उसे एक पेंसिल दी।
राज ने अपनी दादी की और देखा और उनसे कहा,
“मैंने परीक्षा में बहुत ख़राब प्रदर्शन दिया है इसलिए मैं इस पेंसिल के लायक नहीं हूँ।”
उसकी दादी उसे समझाते हुए बोली,
“तुम इस पेंसिल से बहुत कुछ सिख सकते हो क्यूंकि यह तुम्हारी तरह ही है। यह एक दर्दनाक तीक्ष्ण्ता का अनुभब करता है, जिस तरह से तुम तुम्हारे परिक्षण पर अच्छा नहीं करने का दर्द अनुभब कर रहे हो। हालाँकि, यह तुम्हे एक बेहतर छात्र बनने में तुम्हारी मदद करेगा। जिस तरह पेंसिल से आने वाली सभी अच्छाइयाँ अपने भीतर से होती है, उसी तरह तुम भी इस बाधा को दूर करने की ताकत पाओगे। और अंत में, जैसे यह पेंसिल किसी भी सतह पर अपनी छाप छोड़ती है, तुम भी अपनी पसंद की किसी भी चीज पर अपनी छाप छोड़ देना।”
राज ने उसी वक़्त खुद से यह वादा किया की इस बार वह पहले से बेहतर करेगा।

Moral of The Story – हम सभी में एक ऐसी शक्ति है जो यह तेइ करती है की हम क्या होना चाहते है। 

तो दोस्तों यह थे वह “10 Very Short Hindi Moral Stories” मैं उमीद करता हूँ की आपको यह कहानियां मजेदार और रोमांचक लगी होगी। यह कहानियां आपके बच्चों पर प्रभाब छोड़ने और कहानी को उनके समय का पसंदीदा हिस्सा बनाने में मदद करेगी। इसके अलावा यह नैतिक कहानिया  बच्चों को एक महत्वपूर्ण सबक सिखाएंगे जो उन्हें हमेशा याद रहेंगे। 

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